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Monday, January 20, 2014

THE LAST AND ONLY LEFT JAPANESE ROYAL ARMY SODIER HIROO ONODA DIES: LATEST INTERNATIONAL NEWS IN HINDI

टोक्यो। हीरू ओनोडा। जापान की शाही फौज के इस आखिरी सैनिक का 91 साल की उम्र में देहांत हो गया। फौजी निष्ठा की पराकाष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले ओनाडा ने दूसरे विश्व युद्ध में हिस्सा लिया था। युद्ध खत्म होने के बाद वे 30 साल तक जंगलों में रहे मगर सरेंडर नहीं किया। क्योंकि शाही फौज का उसूल था-हथियार डालने से मौत भली।
http://www.bhaskar.com/article/INT-japan-ww2-soldier-who-refused-to-surrender-hiroo-onoda-dies-4497996-NOR.html
फिलीपींस के लुबांग द्वीप पर 1974 में अपनी 52वीं सालगिरह पर तत्कालीन राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस के सामने आए तो पूरे ठसके से। अपनी उसी पुरानी फौजी वर्दी, कैप और तलवार सहित। वह भी तब जब विश्व युद्ध के समय उनके कमांडर रहे पूर्व फौजी अफसर ने खुद जाकर 1945 का वह आदेश वापस लिया। उनके लिए आदेश था-छिपे रहें और अमेरिकी फौजियों पर निगाह रखें।
ओनोडा की तलाश में कम से कम चार अभियान चलाए गए। हवाई जहाज से छपे हुए परचे गिराए। जंगलों में जिंदगी के तीन दशक कैसे बिताए, इसके रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे उन्होंने किए। जापान में उनकी वापसी शानदार हुई थी। अपने वतन लौटने के बाद उत्तरी जापान में बच्चों के एक स्कूल का संचालन करने लगे थे। 
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