परमाणु हथियारों से लैस भारत के लिए अमेरिका
की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के आधार
परमाणु सुरक्षा को लेकर भारत की स्थिति अपने दो पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान
और चीन से भी ज्यादा दयनीय है।
अमेरिका
थिंक टैंक की ओर से बुधवार को जारी न्यूक्लियर थेट्र इनिशिएटिव न्यूक्लियर
मैटेरियल सिक्युरिटी इंडेक्स में भारत को 25 देशों की सूची में 23वां
स्थान दिया गया है। हालांकि, 100 में से 41 अंक हासिल कर भारत ने 2012 की
इसी लिस्ट में अंक सुधार जरूर किया है। न्यूक्लियर थ्रेट इनिशिएटिव ने कहा
कि भारत ने आईएईए न्यूक्लियर सिक्युरिटी फंड में काफी सुधार किया है, लेकिन
उसका अपने परमाणु हथियार और उससे जुड़े संवेदनशील साजो-सामान की सुरक्षा
के प्रति काफी ढीला रवैया रहा है।
इस लिस्ट में चीन 62 अंक लेकर 20वें पायदान पर और 46 अंक लेकर
पाकिस्तान 22वें स्थान पर काबिज है। इन सभी देशों को एक किलोग्राम और उससे
अधिक परमाणु सामग्री वाले देशों की लिस्ट में शामिल किया गया है।
परमाणु सुरक्षा के मामले में भारत को कई कारणों से निचले पायदान पर
रखा गया है। इसमें कमजोर नियम-कानून प्रमुख है, जिसे जरूरी बताने के बजाय
मार्गदर्शक के रूप में लिखा जाता है। इसके अलावा, सैन्य और असैन्य उपयोग के
लिए हथियार में इस्तेमाल होने वाले परमाणु सामग्री की मात्रा बढ़ाना,
नियमन ढांचे में कमी और एक स्वतंत्र नियमन एजेंसी का अभाव भी शामिल है।
गौरतलब है कि नोबेल पुरस्कार जीत चुकी संस्था 'इंटरनेशनल फीजिशियंस
फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वार' (आईपीपीएनडब्ल्यू) ने अपनी रिपोर्ट में
हाल ही में दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच अगर परमाणु युद्ध हुआ
तो पूरी मानव सभ्यता का विनाश हो जाएगा। दुनिया अकाल की चपेट में आ जाएगी,
जिससे 2 अरब लोग काल के गाल में समा जाएंगे।
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