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Thursday, December 26, 2013

POLICE FIRE TEARGAS, RUBBER BULLETS AT ANTI GOVERNMENT PROTESTERS IN THAILAND NEWS IN HINDI

बैंकाक। थाईलैंड में प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दोगे और रबड़ की गोलियां चलाई। राजधानी बैंकाक के एक जिमनेजियम में देश में अगले साल फरवरी में नए सिरे से होने वाले चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन का काम चल रहा था। लगभग पांच सौ प्रदर्शनकारी जिमनेजियम के सामने जमा हो गए। पुलिस ने पहले उन्हें इमारत के अंदर न घुसने की चेतावनी दी। इसके बावजूद जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे।
 
http://www.bhaskar.com/article/INT-police-fire-teargas-rubber-bullets-at-anti-government-protesters-in-thailand-4475892-NOR.html
 
 
स्थानीय मीडिया ने दावा किया कि उस समय चुनाव में हिस्सा लेने के इच्छुक कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इमारत के अंदर थे। मौके पर मौजूद रायटर संवाददाता ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबड़ की गोलियां भी चलाई।
 
गौरतलब है कि कल ही देश की कैबिनेट ने इंटरनल सिक्युरिटी एक्ट की अवधि दो महीने के लिए बढ़ा दी थी। पिछले महीने इस कानून का दायरा बढ़ाकर पूरी राजधानी और आसपास के इलाकों को इसमें शामिल कर लिया गया था। इसके तहत पुलिस लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा सकती है, रास्ते बंद कर सकती है, कर्फ्यू लगा सकती है और तलाशी अभियान चला सकती है।
 
पिछले लगभग दो महीने से पूर्व उप प्रधानमंत्री सुथेप थागसुबान के नेतृत्व में देश में शिनावात्रा के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी उन्हें उनके भाई और पूर्व प्रधानमंत्री ताकसिन शिनावात्रा की कठपुतली बताकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। ताकसिन को वर्ष 2006 में एक जनविद्रोह के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी। साल 2008 में अदालत ने उसे भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाया था। सजा से बचने के लिए वह देश छोड़कर भाग गया। ताकसिन और उसकी बहन यिंगलक को देश के गरीब तबके का भरपूर समर्थन है।
 
प्रदर्शनकारियों के दबाव के आगे झुकते हुए प्रधानमंत्री ने संसद भंग करके फरवरी में नए चुनाव कराने की घोषणा की थी। लेकिन प्रदर्शनकारियों और मुख्य विपक्षी राजनीतिक दल डेमोक्रेटिक पार्टी ने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। कल शिनावात्रा ने सरकार के समानांतर सुधार परिषद के गठन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसे भी ठुकरा दिया। सुथेप की मांग है कि सरकार भंग करके सर्वशक्ति संपन्न 'जनपरिषद' को सत्ता सौंपी जाए।
 

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