Translate

Friday, February 14, 2014

EXECUTED FOR ‘WAGING WAR ON ALLAH’; LATEST INTERNATIONAL NEWS IN HINDI.

तेहरान. ईरान में एक कवि के लिए कलम ही उसकी जिंदगी की दुश्मन बन गई, जिसके चलते उसे फांसी पर चढ़ा दिया गया। ये कवि और मानव अधिकार कार्यकर्ता हाशिम रबानी थे। ईरान के मानव अधिकार कार्यालय के अनुसार रबानी को 27 जनवरी को किसी अज्ञात जेल में फांसी पर लटका दिया गया।

http://www.bhaskar.com/article/INT-executed-for-waging-war-on-allah-4521931-PHO.html


स्थानीय मानव अधिकार समूहों और कार्यालय के मुताबिक, 32 साल के इस कवि पर खुदा का दुश्मन होने का आरोप था। इसके अलावा इस नवयुवक को ईरान में भ्रष्टाचार फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा भी बताया गया था। 2011 से उसकी फांसी की सजा के ऐलान तक वह जेल में ही बंद रहा।
5 फरवरी को शब्बानी के बारे में अमेरिका की एक एनजीओ फ्रीडम हाउस का अहम बयान भी आया था। बयान में कहा गया कि जेल में गुजारे उन सालों में शब्बानी को अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया गया और उससे पूछताछ की गई।

ईरान के मानव अधिकार कार्यालय के मुताबिक केवल शब्बानी को ही फांसी की सजा नहीं दी गई, उसके साथ उसके दोस्त हादी रशेदी को भी मौत की सजा मिली। ईरान के मानव अधिकार कार्यालय के मुताबिक रशेदी और शब्बानी दोनों डायलॉग इंस्टीट्यूट के सदस्य थे। ईरान की इस्लामिक क्रांतिकारी ट्रिब्यूनल ने शब्बानी समेत 13 लोगों को खुदा के नाम पर मसखरी करने और भ्रष्टाचार फैलाने के मामले में दोषी पाया था।

No comments:

Post a Comment