दुनियाभर की सैर करना अपने आप में रोमांचक है। इस दौरान इंसान नए-नए
नजारों का लुत्फ उठाता है। साथ ही, अलग-अलग परिवेश में रह रहे लोगों के
रहन-सहन और उनके खान-पान से रूबरू होता है। किसी भी संस्कृति के बारे में
जानने के लिए वहां के स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद चखने से बेहतर कोई और
तरीका ही नहीं।
खान-पान की आदतें काफी हद तक अपने आस-पास के परिवेश, मौजूद संसाधन,
आबोहवा और जीवन जीने के स्तर पर निर्भर करती हैं। खाना किसी के लिए भी सबसे
पहले एक बुनियादी जरूरत है। साथ ही, ये संस्कृति की भी पहचान है। जैसे
सुशी जापान का पर्याय बन गया है, चिप्स के नाम पर ब्रिटेन की तस्वीर सामने आ
जाती है और टौको को देखते ही मेक्सिको की याद आ जाती है।




